तुम उसे सताते हो
कोई उसे मनाता है ।।
तुम उसे रुलाते हो
कोई उसे हँसता।।
तुम्हे उसे जलना अच्छा लगता है
किसी को उसे हँसना अच्छा लगता।
तुम्हे उसकी मोह्ह्बत की कद्र नहीं
किसी को उसे रोते हुए देखने का सब्र नहीं।
वक़्त बे वक़्त वो तुम्हारे लिए रोती है
तुम्हे हँसता देखने की दुआ करती है
और तुम्हे उसकी फ़िक्र नहीं
एक दिन छीन जायगी तुमसे तुहारी मोह्ह्बत
तब न कहना मेरे दोस्त
वो बेवफा थी
वो दगेबाज़ थी
वो तुम्ही थे जो उसको हँसा न सके।।
तुम उसके लायक नहीं थे जो तुम उसे अपना न बना सके।।
Atyant Maadhur Wa Dil Ko Sparsh Karti Hai
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