बारिश का मौसम है।
सुहाना हर पल है।।
चारो तरफ हरियाली है।
जगत में फैली खुशहाली है।।
फूलो में महक है।
पेड़ो में चिड़ियों की चहक है ।।
ये मौसम भी अजीब सा सुहाना है।
हेर कोई बारिश का दीवाना है।।
चाय के चुस्की के साथ हर के चेहरे पे हँसी।
यही तो है बरसात की ख़ुशी।।
बारिश किसी को हँसी तो किसी को गम दिलाती है।
पर हर बारिश ज़िन्दगी का एक नया रूप दिखा जाती है।।
यहाँ मैनपाठ की वादिया है। तो जतमई की पहाड़िया है।। बड़े बड़े भैंसे है। तो कही फूलो के उद्यान है।। कभी अनोखे प्रवासी पंछियो का घर है। तो कही नागलोक में साँपो का बसेरा है।। यहाँ बस्तर का दसहरा है। तो वही लाइवलीहुड कॉलज में सुनहरे भविष्य का बसेरा है।। यहाँ माँ का दरबार है । तो कही छत्तीसगढ़ की शान युवाओ के सपनो का सँसार है।। यहाँ की वादियो में कही नक्सलियों की आहट है। तो कही दोस्ती की अनोखी मिसाल है।। यहाँ चक्रधर राजा की अनोखा घराना है। तो यहाँ अभी युवाओ का जमाना है।। यहाँ कुदरत की अनुरूप छठा है। तो काले हिरे से रायगढ़ पटा है।। यहाँ विवेकानंद जी का ज्ञान है। तो वही शहीद वीर नारायण सिंह हुए महान है।। कुछ अच्छे तो कुछ महान ऐसा है हमारा छत्तीसगढ़ महान।।
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